मेरा पाला ऐसे कुछ चूतियों से रोज पड़ता है। वैसे फोटू में तीतर है कि चकोर? बचपन में एक चकोर मेरे भी घर था और मेरी हालत भी ऐसी ही थी - कोई बात नहीं ! तीतर और चकोर एक ही प्रजाति के हैं और हमें भी चूतिया होने का अधिकार है ! मैदानी तीतर पहाड़ी चकोर हो जाया करे है ! जे बुडबाज्यू भोत खतरनाक दिक्खें मिझे ! ऐसी सूक्तियां दो-चार और आईं तो हम तो ढेर हो जावेंगे भइया !
फिलासफी पर्सनल ही हुआ करे आशुतोष दद्दा ! वो तो बाद में उसका हल्ला हो जाया करे है .........../अगर वो काम की हुई तो ! जे फिलासफी तो भोत काम की दिक्खे मिझे।
पल्ले भी पड़ गई और समझ भी आ गई और आप धन्यवाद भी ले लो जी।
ReplyDeleteमेरा पाला ऐसे कुछ चूतियों से रोज पड़ता है।
ReplyDeleteवैसे फोटू में तीतर है कि चकोर?
बचपन में एक चकोर मेरे भी घर था और मेरी हालत भी ऐसी ही थी - कोई बात नहीं ! तीतर और चकोर एक ही प्रजाति के हैं और हमें भी चूतिया होने का अधिकार है ! मैदानी तीतर पहाड़ी चकोर हो जाया करे है !
जे बुडबाज्यू भोत खतरनाक दिक्खें मिझे ! ऐसी सूक्तियां दो-चार और आईं तो हम तो ढेर हो जावेंगे भइया !
sundar hai. sasta sher ko bhi navazen bhaai.
ReplyDeleteजे तो अपनी परसनल फलासफी हैगी। या कूं चोराहे पे लाने का मतबल!! जे तो बोई बात हुई के `कबिरा इस संसार में भांति-भांति के लोग.....´
ReplyDeleteफिलासफी पर्सनल ही हुआ करे आशुतोष दद्दा !
ReplyDeleteवो तो बाद में उसका हल्ला हो जाया करे है
.........../अगर वो काम की हुई तो !
जे फिलासफी तो भोत काम की दिक्खे मिझे।
yay to titar ko decide karnay do,jahan marji hogi wahan rayega!!!
ReplyDeletedinesh semwal
Asal chakkar teetar aur chutiye kee pehchaan aur kya kehte hain ...astitv ... haa ASTITV ka hai Dinesh Babu.
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