इस कबाड़खाने की रद्दी बहुत पसंद आ रही है.क्या मुझ जैसे नये कबाड़ी का स्वागत करेंगे. बुग्याल के बड़बाज्यू के बाद भ्योल के भुला का. http://kakesh.com
अच्छा माल लायेगा भुलू तो आ जा लालौ
इस कबाड़खाने की रद्दी बहुत पसंद आ रही है.क्या मुझ जैसे नये कबाड़ी का स्वागत करेंगे.
ReplyDeleteबुग्याल के बड़बाज्यू के बाद भ्योल के भुला का.
http://kakesh.com
अच्छा माल लायेगा भुलू तो आ जा लालौ
ReplyDelete