तस्वीरों की बात अलहदा है ,बढ़िया हैं लेकिन ये फैशन डिज़ाइनर का पेशा वो आखिरी हद है जिसकी बाबत सुनकर खून खौलियाता है । एक तीसरी दुनिया के देश में फैशन डिज़ाइनरी , क्या अत्याचार है ।
तस्वीरों की बात अलहदा है ,बढ़िया हैं लेकिन ये फैशन डिज़ाइनर का पेशा वो आखिरी हद है जिसकी बाबत सुनकर खून खौलियाता है । एक तीसरी दुनिया के देश में फैशन डिज़ाइनरी , क्या अत्याचार है ।
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