Friday, January 4, 2013

माँ नी मेरी मैं नईं डरना, तेरे वरगा मैं नईं बणना!


इस गीत का लिंक मुझे प्रिय मित्र आशुतोष उपाध्याय से मिला. इधर बीसेक दिनों से सारा देश जिस आग में जल रहा है उसके पसमंजर में लिखे - गाये गए इस विचारोत्तेजक गीत के सर्जकों के बारे में मुझे कुछ नहीं मालूम. आप में से अगर किसी को कोई जानकारी हो तो उसे यहाँ बाँटें ज़रूर और कोशिश करें इस गीत को डाउनलोड कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं –




ये रहा डाउनलोड लिंक –

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर गीत है...प्रभावशाली और हृदयस्पर्शी.

    अनु

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