Tuesday, August 20, 2013

मन कुन्तो मौला एक और संस्करण


आसिफ़ अली खान और मंज़ूर संतू खान क़व्वाल से सुनिए यह कौल क़ल्बाना -

3 comments:

  1. क्‍या बात है, दिल खुश हुआ.

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  2. Gurudev Ashok Kabaadee Saaheb,
    Bataain ki kaise sunu isko jyonki mujhe koilink na dikhta hai.

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  3. थोड़ा सा सब्र करो महाराज. प्लेयर आ जाएगा.

    लोड होने में जो दस बीस सेकेण्ड लगते हैं बस.

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