Showing posts with label उस्ताद शुजात खान. Show all posts
Showing posts with label उस्ताद शुजात खान. Show all posts

Thursday, August 29, 2013

तोरी सूरत के बलिहारी




हज़रत अमीर खुसरो की रचना ग़ा रहे हैं उस्ताद शुजात खान - 

Thursday, August 15, 2013

मैं तो पिया से नैना लड़ा आई रे


उस्ताद शुजात हुसैन की एक और कम्पोज़ीशन -


Tuesday, August 13, 2013

मेरी मैय्यत पे आके कहा, तुम तो सचमुच ख़फ़ा हो गए


उस्ताद शुजात खान के स्वर में मीठी-मीठी सी एक उम्दा कम्पोज़ीशन-

आशिकों के ख़ुदा हो गए, आप माशूक क्या हो गए
चार सू मुझ को घेरे बिना मेरे दिल से मेरी जां हो गए