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Saturday, January 31, 2009

ब्रायन जॉन्सटन और बिल फ़्रिन्डल की जुगलबन्दी याद है?



क्रिकेट के जानकार बिल फ़्रिन्डल के नाम से अपरिचित नहीं होंगे. 'द बीयर्डेड वन्डर' के नाम से विख्यात फ़्रिन्डल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट-स्कोरर थे. ब्रायन जॉन्सटन से ले कर इंग्लिश गेंदबाज़ जोनाथन एग्न्यू तक रेडियो-टीवी पर कमेन्ट्री करने वाली कई पीढ़ियां श्रोताओं-दर्शकों को दिलचस्प आंकड़े बताने को बिल पर निर्भर रहीं. बीबीसी के 'टेस्ट मैच स्पेशल' से १९६६ में जुड़े बिल फ़्रिन्डल की २९ जनवरी को मृत्यु हो गई.

३ मार्च १९३९ को जन्मे बिल अपने समय में अच्छे ख़ासे क्रिकेटर थे और आगे के दिनों में स्कोरर-कमेन्टेटर के अलावा लॉर्ड टैवर्नर्स नामक क्रिकेट क्लब के प्रमुख सदस्य बने. लॉर्ड टैवर्नर्स के चीफ़ एक्ज़ीक्यूटिव मैथ्यू पैटन ने बिल को याद करते हुए कहा: "बिल हमारे क्लब के अभिन्न थे. उन्हें यह याद करने में मज़ा आता था कि उन्होंने लॉर्ड टैवर्नर्स की तरफ़ से खेलते हुए जैक रॉबर्टसन के साथ पारी की शुरुआत की थी. जॉन स्नो और डेनिस लिली के ख़िलाफ़ गार्ड लिया था और एक दफ़ा रेग सिम्पसन को गेंदबाज़ी की थी जबकि गॉडफ़्री इवान्स विकेटकीपिंग कर रहे थे."

मुझे ख़ुद बचपन से क्रिकेट के आंकड़े इकठ्ठा करने का जुनून रहा है. यह शौक़ मुझे अपने स्कूल के अंग्रेज़ी अध्यापक श्री एम.डी. जोशी की वजह से लगा था जो बात-बात पर क्रिकेट के आलीशान किस्से सुनाया करते थे. उन्होंने ही बताया था कि अच्छी अंग्रेज़ी बोलने के लिए बीबीसी की क्रिकेट कमेन्ट्री सुनने से बेहतर कोई अभ्यास नहीं हो सकता. बिल फ़्रिन्डल का नाम भी उन्होंने ही बताया था. बिल की आत्मकथा 'बीयर्डर्स: माई लाइफ़ इन क्रिकेट' अब भी मेरे पुस्तकालय की शोभा है.

पता नहीं नई पीढ़ी के लोग किसी स्कोरर की मौत पर लिखी पोस्ट का कितना मतलब समझेंगे लेकिन बिल का जाना व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए एक पूरे रोमान्टिक युग का अवसान है. रज़ाई के भीतर रेडियो धरे हुए ब्रायन जॉन्सटन और बिल फ़्रिन्डल की जुगलबन्दी वाली बीबीसी की क्रिकेट कमेन्ट्री सुनने की यादों के सामने आज के हाईटैक कैमरों से सुसज्जित टीवी वाली अक्सर एकरस और फुस्स कमेन्ट्री सुनना कई दफ़े खीझ असहायता से भर देता है.

पर न वो बखत रहा न वैसी निश्चिन्तताभरी ज़िन्दगी. न ही तब क्रिकेट कैसे भी फ़कत पैसा कमाने भर का जरिया हुआ करता था.

गुडबाई बिल चच्चा!