Showing posts with label
मीर मुख्तियार अली
.
Show all posts
Showing posts with label
मीर मुख्तियार अली
.
Show all posts
Wednesday, November 7, 2012
तेरे पैरां च अखीर होवे मेरी
मुख्तियार अली से सुनिए यह मशहूर कम्पोजीशन जिसे बाबा नुसरत ने इस क़दर विख्यात किया था-
Monday, November 5, 2012
मूरख मैली कीन्ही चदरिया
बीकानेर में रहने वाले खानदानी मीरासी गायक मीर मुख्तियार अली की आवाज़ में पेश है कबीरदास जी का एक भजन. इनके बारे में कल कुछ और दिलचस्प बातें बतलाता हूँ और उनके संगीत की कुछ बानगियाँ भी
पेश करता हूँ
.
Older Posts
Home
View mobile version
Subscribe to:
Posts (Atom)