कल मैंने वायदा किया था कि आज आपको वृद्ध जागेश्वर मन्दिर की तस्वीरें दिखाऊंगा. वृद्ध जागेश्वर का मन्दिर जागेश्वरधाम से सड़क मार्ग से क़रीब दस किलोमीटर दूर पड़ता है. और पैदल रास्ते से कोई तीन किलोमीटर. आमतौर पर इस मन्दिर का ज़्यादातर पर्यटक गाइडों में ज़िक्र तक नहीं मिलता लेकिन यह मन्दिर जागेश्वर धाम से भी पुराना है और इसका महात्म्य कोई कम नहीं है. धारणा है कि शिवजी यहां ध्यान वगैरह के लिए आया करते थे.
मुख्य मार्ग से हटा होने के कारण इसकी देखभाल करने को कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है. जागेश्वर धाम को तो ए. एस. आई. ने संरक्षण में लिया हुआ है लेकिन इस मन्दिर की देखरेख का काम मन्दिर के कैम्पस में रहने वाले पुजारी को करना पड़ता है.
बेहतरीन वास्तुशिल्प वाले इस मन्दिर की सुन्दरता की ऐसी तैसी करने को यहां के बाहरी पत्थरों पर किसी दानवीर ने चूना-गेरू पुतवा दिया है.
चलिये फ़ोटो देखी जाएं कुछेक:



