हमने रूट लिया रानीखेत-कर्णप्रयाग-नन्दप्रयाग-चमोली-गोपेश्वर-मण्डल-चोप्ता-तुंगनाथ- मस्तूरा-रुद्रप्रयाग-गौचर-कोटमल्ला-गौचर-गैरसैण-रानीखेत.
बताया जाता है कि क़रीब साढ़े बारह हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर अवस्थित तुंगनाथ दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मन्दिर है. तुंगनाथ जाने के लिए आपको पहले चोप्ता पहुंचना होता है जहां हमारे कबाड़ी अनिल यादव भी इधर चन्द दिन बिता कर आए हैं. चोप्ता से फ़क़त साढ़े तीन किलोमीटर की चढ़ाई आपको तुंगनाथ पहुंचाती है.
यात्रा की तफ़सीलात बाद में देता हूं फ़िलहाल कुछ तस्वीरें देखिये.