Showing posts with label अली "फ़र्का" तूरे. Show all posts
Showing posts with label अली "फ़र्का" तूरे. Show all posts

Friday, May 27, 2011

अली "फ़र्का" तूरे का संगीत


अली इब्राहीम "फ़र्का" तूरे (अक्टूबर 31, 1939 – मार्च 7, 2006) माली देश के रहने वाले गायक और गिटारिस्ट थे. अफ़्रीकी महाद्वीप से निकले सबसे विख्यात संगीतकारों में शुमार होने वाले अली पारम्परिक माली संगीत और अमेरिकी ब्लूज़ के बड़े फ़नकार थे. प्रख्यात फ़िल्मकार मार्टिन स्कोरसेसे ने अली फ़र्का तूरे की संगीत परम्परा को "ब्लूज़ का डी.एन.ए." कहा था. रोलिंग स्टोन्स की सौ सर्वकालीन महानतम गिटारिस्टों की सूची में भी इस बड़े संगीतकार को जगह मिली थी.

नाइजर नदी के किनारे उत्तर-पूर्वी माली के टिम्बकटू इलाके के एक गांव कनाऊ में जन्मे अली अपनी माता के दसवें बेटे थे. बाकी नौ अपना शैशव भी पूरा नहीं कर सके थे. इस बाबत एक साक्षात्कार में अली ने कहा था "मुझे अली इब्राहीम नाम दिया गया था पर अफ़्रीका में यह परम्परा है कि अगर परिवार में बच्चे असमय मर जा रहे हों तो अगेल शिशु को बेहद अटपटा सा नाम दे दिया जाता है." तो उनके माता-पिता द्वारा छांटे गए नाम "फ़र्का" का मतलब होता था - गधा. मज़ाकिया लहज़े में अली आगे कहते हैं - "मैं एक बात साफ़ कर दूं. मैं वो गधा हूं जिसकी कोई सवारी नहीं कर सकता."

आज सुनिए उनका एक बेहद प्रसिद्ध गीत. इस गीत को अंग्रेज़ी फ़िल्म "अनफ़ेथफ़ुल" में भी इस्तेमाल किया गया है. मेरे पास इधर अली "फ़र्का" तूरे का काफ़ी संगीत इकठ्ठा हुआ है. यह उनके संगीत की पहली प्रस्तुति है.