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Friday, December 30, 2011

बेनी हिल और घटिया दर्जे का ह्यूमर

बेनी हिल कोई मानीखेज या अलहदा टाइप कुछ भी नहीं थे | बस जब भी उनका शो देखा है , हंसा हूँ | आप को शायद घटिया दर्जे का लगे, जैसा कि बहुत सारे आलोचकों को लगता है | बदहाली के दिनों में जब करने को कुछ नहीं था, उनके काफी शो डाउनलोड करके देखे | थोड़ी देर के लिए ही सही , काफी निचले दर्जे के ह्यूमर का सहारा लेकर ही सही , अपनी दुनिया से खुद को बेदखल करने में कामयाब रहा हूँ | बहरहाल मुंह बंद रखता हूँ , और आप देखिये ये विडियो |




बहरहाल जिन्हें बेनी हिल पसंद आये या पहले से पसंद हों तो विकिपीडिया तो है ही , एक बढ़िया लिंक ये भी है

Saturday, March 26, 2011

ह्यूमर के बारे में कुछ बिखरी बातें

मार्क ट्वेन एक जगह कहते हैं - "मानव से सम्बन्धित हरेक चीज़ दयनीय होती है. ह्यूमर का गुप्त स्रोत ख़ुशी में नहीं बल्कि उदासी में छिपा होता है. स्वर्ग में कोई ह्यूमर नहीं होता."


कई दफ़ा मेरे हाथ कोई ऐसी किताब लगती है जिसकी विषयवस्तु मेरी कल्पना से परे होती है.


स्टुअर्ट हैम्पल की की लिखी नॉन बीइंग एन्ड समथिंगनैस ऐसी ही किताब थी. यह किताब मशहूर अभिनेता कॉमिक-स्ट्रिप इनसाइड वूडी एलेन को डीकोड करने के लिए अपनी स्मृति के सहारे अध्यात्म को समझने की कोशिश है. एक अध्याय में लेखक डायटिंग की समस्या पर ध्यान केन्द्रित करते हैं. लेखक कहता है - "ऐसा नहीं है कि डायटिंग करने वाले किसी आध्यात्मिक समस्या से नहीं जूझ रहे होते. समस्या यह है कि वे आध्यात्मिक समाधान खोजने लगते हैं. मिसाल के तौर पर आपने वह मुहावरा सुना होगा कि लाफ़्टर इज़ द बेस्ट मेडिसिन. मुहावरा बनाने वाले ने यह नहीं कहा कि ह्यूमर इज़ द बेस्ट मेडिसिन. ह्यूमर एक आध्यात्मिक सिद्धान्त है जबकि हंसना एक सक्रिय शारीरिक गतिविधि. सारे समाधान इसी बात में छिपे हुए हैं."