Monday, August 11, 2008

म्हारे पायल रो झणकार रे: रेगिस्तानी संगीत का भरा दौंगरा

मेरा शहर बारिश की अति का शिकार है दो एक महीने से.

सब कुछ काई-काई.

आत्मा तक फफूंद.

थार मरुस्थल के जलते रेगिस्तान के लांगाओं और मंगणियारों के इलाक़ों से सुनिए दो बारिशें.

दो बारिशें जो किसी किसी की क़िस्मत पे मेहरबान होती हैं बस.

अपने को ख़ुशक़िस्मत जानिये कि हम तब पैदा हुए हैं जब इस पाये का संगीत यूं शेयर किया जा सकता है.


(आवे हिचकी)



(निम्बुड़ा निम्बुड़ा)

8 comments:

शिरीष कुमार मौर्य said...

राजस्थान का यह लोक संगीत काफी पहले तुमने मुझे उपहार में दिया था अशोक दा ! इसे यहां सुनना भी सुखद है। बारिश कैसे जाएगी यार! जहां होनी चाहिए, वहां लागों के कंठ सूखे ही रह जाते हैं और इधर हमारे इलाके में धार-धार पानी और धार-धार हादसे !

sanjay patel said...

मांगणियारों के गायन में जो लपक है अशोक भाई वह दीगर विधाओं में कहाँ.छोटे मुँह बड़ी बात कह रहा हूँ कि आज किसी सेलिब्रिटि सिंगर को गवा दीजिये और फ़िर हमार लांगा भाईयों को स्टेज दीजिये ...भाई लोग पूरा सल्टा देंगे सेलिब्रिटि को. लयकारी , गायकी और उसमें इज़ाफ़ा करती खड़ताल (वे स्टिक्स जो ढोलक के साथ जुगलबंदी कर रही है)एक आनंददायी समाँ बांध देती है. दुर्भाग्य है कि इन हुनरमंद कलाकारों के रहनुमा संस्कृतिविद कोमल कोठारी दो एक साल पहले गुज़र गए..मालूम नहीं अब मांगणियार गायकी का दस्तावेज़ीकरण कौन करेगा.
आपकी पोस्ट लगते ही इधर भी झमाझम है दादा.

Udan Tashtari said...

आनन्द आ गया.बहुत आभार.

sidheshwer said...

इतना उम्दा और इफ़रात का कबाड़ देखकर कबाड़ी खुश हुआ!

महेन said...

इतने दिनों की व्यस्तता के बीच आज आपका ब्लोग टटोलना शुरु किया तो पिछली सारी छुट गई पोस्ट्स पढ़ गया। शुक्रिया…

shankar said...

abhi kuch samay se app ka kabad khana dekna suru kiya. bahut acha hai kabhi padhane ko nahi mila wo padeke dil ko sukun mila. aur aap ne kuch accha geet suna ke aap ne hamare dil main thikana karli ya aaj maine rajasthan ke do folk song sune maaaja aaagya aap asi hi song sunat jaye. reshmaji ka ek song aap ne pahele suna ya tha wo to kamal ka tha

shankar said...

abhi kuch samay se app ka kabad khana dekna suru kiya. bahut acha hai kabhi padhane ko nahi mila wo padeke dil ko sukun mila. aur aap ne kuch accha geet suna ke aap ne hamare dil main thikana karli ya aaj maine rajasthan ke do folk song sune maaaja aaagya aap asi hi song sunat jaye. reshmaji ka ek song aap ne pahele suna ya tha wo to kamal ka tha

madhur said...

guru jee ko pradaam... bahut din huee mile hue. kahaan hai aaj kal? ek chitthi daal dijiyega madhur@themistymountains.in par Milna chaahunga.
+91 94103 38448
www.themistymountains.in