Friday, August 6, 2010

कलकत्ते का गीत

सुमन चटर्जी से सुनिये यह ज़बरदस्त गीत:



2 comments:

महेन्द्र मिश्र said...

bahut sundar prastuti...abhaar

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत ही सुन्दर गीत है।