Thursday, October 30, 2014

एक और रेहाना


एक और रेहाना

- रामजी राय 
(फेसबुक वॉल से साभार) 

एक रेहाना ईरान की, जिन्हें अपनी ज़मीर की रक्षा के लिए लड़नेवाली महिला के रूप मेँ सम्मानित करने की जगह ईरान सरकार और न्यायालय ने फांसी दे दी.

एक दूसरी रेहाना, कुर्दिश कम्युनिस्ट वर्कर पार्टी की सदस्य कामरेड रेहाना. सीरिया की सीमा पर कुर्दिश के नगर कोबाने पर कब्जा जमाने के लिए हमला कर रहे ISIS लड़ाकों से अपने लोगों की सुरक्षा और स्वतन्त्रता के लिए लड़ रही रेहाना. प्रतिरोधी सेना की महिला बटालियन में शामिल सैनिक रेहाना. अकेले दम 100 से ज्यादा ISIS लड़ाकों को मार कोबाने-प्रतिरोध का लोकप्रिय प्रतीक बन गई रेहाना.

इस बहादुर रेहाना के ISIS लड़ाकों द्वारा पकड़ कर बेरहमी से मार दिये जाने की खबर है. इसकी पुष्टि के लिए ISIS ने रेहाना के कटे सिर के साथ एक फोटो पोस्ट की है. लेकिन इसके बाद ही रेहाना के नजदीकी दोस्तों ने यह खबर दी है कि जिस लड़की का फोटो ISIS ने जारी किया है वह प्रतिरोधी सेना की एक दूसरी लड़की की फोटो है. रेहाना जीवित है और वह ISIS के लिए पहले की तरह ही दहशत का सबब बनी हुई है.

रेहाना मार दी गई हो या जीवित फर्क नहीं पड़ता.

कट्टरवादियों, न्यायवादियों, आतंकवादियों रेहानावों का सौंदर्य तुम्हारे चेहरों की विद्रूपता को सरेआम उजागर कर दे रहा है. सौंदर्य खुद में प्रतिरोध होता है तमाम-तमाम तरह की कुरूपताओं का. वह महज शरीर, कोई चित्र, आकृत या कविता नहीं होता, वह संघर्ष का, विचार का, मनुष्यता का सौंदर्य होता है जिसका न सर कलाम किया जा सकता है न जिसे फांसी दी जा सकती है वह तो दिल के रास्ते लोगों के रूह में जा बसता है. और ज़मीर व आज़ादी की जंग लड़नेवालों का प्रेरणा स्रोत बन जाता है.

अपने ज़मीर और आज़ादी के लिए लड़नेवाली रेहाना जब्बारी और कामरेड रेहाना को सलाम!


1 comment:

Mired Mirage said...

मेरा भी सलाम.
घुघूती बासूती