Wednesday, December 31, 2014

रेगिस्तान में आंधी


रेगिस्तान में आंधी

-अजंता देव

अचानक तन जाती है
झीनी चादर
पृथ्वी से आकाश तक
उल्लास से नाचने लगती है रेत

फिर दूर तक भागता चला जाता है
अकेला ऊँट

2 comments:

Ankur Jain said...

कम शब्दों में गहरी बात। नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ, सादर।

VIKASH KUMAR CHAUDHARY said...

कृप्या, यह भी देखें - http://dbthindi1.blogspot.in/