* आज एक बस के पीछे यह 'सायरी' लिखी देखी:
एक हाथ में बंदूक द्सरे में तमंचा देशी है।
चलो अब मार दो गोली यह तो परदेशी है।
इससे पहले कि उसकी फोटो ले पाता बस रानी तो बस दौड़ती चली गई और अपन गुबार देखते रह गए।
सच ही कहा है किसी 'कबी' ने :
परदेशियों से ना अँखियाँ मिलाना।
परदेशियों को है एक दिन जाना।
अजी आप कहाँ चले?

