इन्हें किसी परिचय की ज़रुरत नहीं. कबाड़खाने के रेकॉर्ड के लिए इनकी यह शानदार तस्वीर यहाँ सहेज रहा हूँ आने वाले और बुरे दिनों के वास्ते.
इत्तफाक़ है कि
मैं यह पोस्ट लगा रहा हूँ और अनिल यादव ने अभी अभी इन पर फेसबुक पर कुछ लिख दिया
है. अनिल की वॉल से उसकी पंक्तियाँ उधार ले के लगा रहा हूँ -
ये भी एक टीम
इंडिया है जिसने पाकिस्तान को हराकर ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्डकप जीता है लेकिन एक
बधाई, एक पटाखा, एक
विक्ट्री साइन, एक थम्सअप नहीं. हमारे मुख्यधारा के अधिकांश
नायक अमीर, ताकतवर, जुगाड़ू, खांमखां ग्लैमरस, आत्मकेंद्रित और मूर्ख क्यों होते
जा रहे हैं.


