Saturday, August 30, 2008

हमरी अटरिया पर आजा रे सांवरिया ! देखा-देखी तनिक हुई जाए



शोभा गुर्टू जी के स्वर के स्पर्श से आज के दिन की शुरूआत हो, यही अपनी कामना है .उम्मीद है कि मिश्र पीलू में यह बंदिश आपको पसंद आएगी. तो देर काहे की सुनते है - हमरी अटरिया पर आजा रे सांवरिया ! देखा-देखी तनिक हुई जाए !!


5 comments:

मीत said...

दिन बना दिया आप ने साहब. आज के लिए fit हो गया हूँ ...

anurag vats said...

shobhaji ka gayan mujhe bahut pasand hai...kbhi unka gaya piya milan hm jaibe rama bhi sunwaiyega...

महेन said...

वाह जी, दिन की तो नहीं मगर शाम की शुरुआत तो हो ही गई।

संजय पटेल said...

सिद्दू दा,
ख़ाकसार को शोभा ताई का सान्निध्य मिला था. हाय क्या नफ़ासत और मस्ती.जो बात गाने में वह तबियत में. एक पल भी स्टार होने का गर्व नहीं . एक मांड की फ़रमाइश कर दी बंदे ने...बोली ..लो अभी सुनो..क्या कमाल की सादगी.वैसी बलन के लोग अब कहाँ दादा...सारा खेल अब तो लटके-झटकों का है.आपने उन दो दिनों की याद ताज़ा कर दी.उनके बेटे त्रिलोक गुर्टू अंतरराष्ट्रीय ख्याति के परकशनिस्ट हैं.

विनय said...

सुबह ही सुन लिया था-

नैन मिल जई है
नजर लर जई है
सब दिन के झगड़ा ख़तम हुई जाए|

बेहतरीन! लगे रहिये!