Friday, August 12, 2011

वी शैल ओवरकम


यह गाना किसी परिचय का मोहताज नहीं है. प्रतिरोध का यह गीत १९५५-१९६८ के एफ़्रो-अमेरिकन सिविल राइट्स मूवमेन्ट का प्रतिनिधि गीत था. चार्ल्स अल्बर्ट टिन्डले के लिखे एक गॉस्पल सॉंग से प्रेरित इस गीत को पीट सीगर के अलावा फ़्रैन्क हैमिल्टन, जो ग्लेज़र, जोन बाएज़, डायना रॉस इत्यादि बड़े गायकों ने भी रेकॉर्ड कराया था.

सुनिए पीट सीगर की आवाज़ में -


6 comments:

अनुपमा त्रिपाठी... said...

कल हलचल पर आपके पोस्ट की चर्चा है |कृपया अवश्य पधारें.....!!

S.N SHUKLA said...

बहुत सुन्दर सारगर्भित,
रक्षाबंधन एवं स्वाधीनता दिवस पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएं तथा बधाई

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत अच्छा और प्रेरक गीत है जिसे हम बचपन से गुनगुनाते आ रहे हैं।

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभ कामनाएँ।

सादर

प्रवीण पाण्डेय said...

प्रभावित करता है यह गीत।

vipin said...

bhai ashok ji pete seeger ka "little boxes" bhi sunvaiye.
vipin

aditi said...

bahot khusi hui ki aapne itne protsahit karne wale geet k peeche ki kahani hame batai....shukriya :)