Friday, May 2, 2014

सबमें पोल है, सब में झोल है, सभी लुजलुजे हैं


सभी लुजलुजे हैं

-रघुवीर सहाय

खोंखियाते हैं, किंकियाते हैं, घुन्‍नाते हैं
चुल्लू में उल्‍लू हो जाते हैं

मिनमिनाते हैं, कुड़कुड़ाते हैं
सो जाते हैं, बैठ जाते हैं, बुत्ता दे जाते हैं

झांय-झांय करते है, रिरियाते हैं,
टांय-टांय करते हैं, हिनहिनाते हैं
गरजते हैं, घिघियाते हैं
ठीक वक़्त पर चीं बोल जाते हैं

सभी लुजलुजे हैं, थुलथुल है, लिब-लिब हैं,
पिलपिल हैं,
सबमें पोल है, सब में झोल है, सभी लुजलुजे हैं.