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| फ़ोटो: अर्न्स्ट बाख्राख |
इनग्रिड बर्गमैन स्वीडन से पहली दफ़ा १९३९ में हॉलीवुड आईं. स्क्रीन टेस्ट पास करने के बाद उन्होंने प्रोड्यूसर डेविड ओ. सेल्ज़निक के साथ एक सात वर्षीय अनुबंध पर दस्तखत किये थे. सेल्ज़निक के साथ काम करते हुए ही उन्होंने अल्फ्रेड हिचकॉक के साथ पहली बार उनकी साइको-थ्रिलर ‘स्पेलबाउण्ड’ (१९४५) में काम किया. लेकिन सेल्ज़निक के साथ उनका सम्बंध बहुत सामान्य नहीं था. अनुबंध के चलते सेल्ज़निक इनग्रिड को अपने लाभ के लिए दूसरे स्टूडियोज में किराए पर भेजा करते थे. शुरू में इनग्रिड को यह आइडिया जंचा क्योंकि इससे उन्हें हॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के मौके मिलते थे. इनमें गैरी कूपर, हम्फ्री बोगार्ट, कैरी ग्रांटवुड और ग्रेगरी पैक जैसे अभिनेता शामिल थे.
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| फ़ोटो: सेल्ज़निक इंटरनेशल आर्काइव्स |
उन्हें उस ज़माने के बेहतरीन फोटोग्राफरों ने अपनी तस्वीरों का विषय बनाया जो उनकी नैसर्गिक मुस्कराहट और प्रत्यक्ष वल्नरेबिलटी से आकर्षित थे; इनमें अर्न्स्ट बाख्राख और बार्ट सिक्स प्रमुख थे.
एमजीएम के फोटोग्राफर लाज़लो विलिंगर के साथ इनग्रिड के कुछ फ़ोटो-सेशन बेहद यादगार थे.
हॉलीवुड में अपार सफलता मिलने के
बावजूद वे वहां की फिल्मों के घिसेपिटे टाइपकास्ट तरीके से जल्दी ऊब गईं और
उन्होंने इतालवी फिल्मकार रोबेर्तो रोसेलिनी से नाता जोड़ा.
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| रोसेलिनी परिवार के साथ इनग्रिड |
“मैंने आपकी फिल्में ओपन सिटी (१९४५) और पैसान (१९४६) देखीं और उनका भरपूर आनंद लिया. अगर आपको एक स्वीडिश ऐक्ट्रेस की ज़रुरत हो तो बढ़िया अंग्रेज़ी बोलती है, जो अपनी जर्मन नहीं भूली है, फ्रेंच बहुत नहीं समझती और जो इतालवी में सिर्फ ‘ती आमो’ (मैं तुमसे प्यार करती हूँ) जानती है, तो मैं आपके पास आकर आपके लिए एक फिल्म बनाने को तैयार हूँ.”
इस एक चिठ्ठी ने उनके करियर को बदल
देना था और १९४९ में वे रोसेलिनी के साथ रहने के लिए हॉलीवुड छोड़कर चली गईं. उनकी
इतालवी फ़िल्में हॉलीवुड वाली फिल्मों से बेतरह फर्क हैं और उनमें जो निराशावाद
दिखाई देता है, उससे हॉलीवुड को अच्छा नहीं लगा जहां वे पहले ही एक स्टार बनाई जा
चुकी थीं, जबकि ये नई फ़िल्में उनके ग्लैमर को कम करने पर आमादा थीं.
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| 'एलेना एंड हर मैंन' से एक दृश्य |
उनकी व्यक्तिगत यात्रा इटली में समाप्त नहीं हुई और १९५६ में वे पेरिस चली आईं जहां उन्होंने जीन रेनुआ की फिल्म ‘एलेना एंड हर मैन’ में मुख्य भूमिका निभाई. यह एक रोमांटिक कॉमेडी थी जिसमें उन्होंने राजनैतिक चक्रव्यूह में फंसी एक पोलिश राजकुमारी का रोल किया था. हालांकि फिल्म को सफलता नहीं मिली लेकिन इनग्रिड के करियर में इसे उनकी सबसे अच्छी फिल्म माना गया और आज तक माना जाता है. उसी साल ट्वेंटीथ सेंचुरी फॉक्स ने ‘एनेस्टेसिया’ को फाइनान्स किया और इस फिल्म के साथ उन्होंने एक विजेता की तरह वापसी करते हुए न्यूयॉर्क में क्रिटिक्स अवार्ड हासिल किया.
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| लन्दन की कैवेंडिश स्ट्रीट में अपने फ़्लैट के नज़दीक |
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| लन्दन के सोहो की एक बाज़ार में एक प्रशंसक द्वारा पहचान ली गईं |
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| हॉलीवुड के फिल्म इतिहासकार जॉन कोबाल के साथ इंटरव्यू |
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| फ़ोटो: कार्ल हाइन्ज़ सोफेर्ट |
जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने लन्दन को अपना घर बना लिया था जहां उन्होंने जॉन ब्रेबर्न द्वारा प्रोड्यूस की गयी टीवी सीरीज ‘मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस’ में कई उल्लेखनीय भूमिकाएँ कीं.
१९७० के दशक के मध्य में दिए गए एक
इंटरव्यू में उन्होंने पत्रकार बारबेरो बोलिंडर को बताया थी जब वे छोटी बची थीं तो
भगवान से एक ही प्रार्थना किया करती थीं – उनका जीवन आश्चर्यों से भरा रहे. उनकी
मौत के बाद भी ये आश्चर्य कम नहीं हुए. १९८२ में उनके नाम पर गुलाबों की एक नयी
प्रजाति उगाई गयी जो अपनी मखमली और सुर्ख लाल पंखुड़ियों के कारण आज तक पोलैंड और
इंग्लैण्ड के बागवानों के बीच खासी लोकप्रिय है.
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| इनग्रिड बर्गमैन के नाम पर विकसित हुई गुलाब की नस्ल |









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