Saturday, October 10, 2015

जलसा 4 का स्वागत कीजिये


'जलसा' का चौथा अंक छप कर आ गया है. सीमित प्रतियां. मंगाने का पता

- जलसा द्वारा असद ज़ैदी,
बी - 957, पालम विहार,
गुड़गांव 122 017,
टेलीफ़ोन: 09868126587,

-अशोक पाण्डे, D/35, जज फ़ार्म,
हल्द्वानी 263 139
उत्तराखण्ड
ईमेल: jalsapatrika@gmail.com, threeessays@gmail.com, ashokpande29@gmail.com

इस अंक में:

शुभा —    दो चीज़ें | अविनाश मिश्र कविताएँ, डायरी, गद्य | शुभम श्री कविताएँ, डायरी, गद्य | लक्ष्मीधर मालवीय दो संस्मरण | ख्वाजादास कुछ छंद  | देवी प्रसाद मिश्र कहानियाँ, कविताएँ | सौम्य मालवीय कविताएँ  | सत्यपाल सहगल कविताएँ, आलेख | महेश वर्मा कविताएँ, आत्मकथ्य | मोनिका कुमार कविताएँ, आत्मकथ्य |पंकज चतुर्वेदी कविताएँ | लाल्टू  कविताएँ | जीतेन्द्र गुप्ता देवी प्रसाद मिश्र के बहाने | निर्मला गर्ग कविताएँ | शेफ़ाली फ़्रॉस्ट कविताएँ | रेयाज़ उल हक़ कविताएँ | वीरेन डंगवाल कविताएँ | आशुतोष कुमार वीरेन की कविता के बहाने

1 comment:

Ravishankar Shrivastava said...

सीमित प्रतियाँ?
इंटरनेट के इस युग में???
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यकीन करें, आजकल लोग छपी प्रति के बजाए अपने मोबाइल उपकरणों पर पढ़ना (और साथ में रखना) अधिक पसंद करते हैं.