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Thursday, February 25, 2016

सिर्फ़ नुसरत के चाहने वालों के लिए


उस्ताद नुसरत फ़तेह अली ख़ान की कम्पोज़ीशन. हजरत बाबा बुल्ले शाह के शब्द.

Monday, October 21, 2013

किते सीया ऐ किते सुन्नी ऐ किते जटाधार किते मुन्नी ऐ


उस्ताद नुसरत और बाबा बुल्ले शाह की रचनाओं की जुगलबंदी सीरीज की अंतिम पेशकश फ़िलहाल – "बेहद रम्ज़ा दसदा मेरा ढोलन माही" ( यानी कितने ही रहस्यों को उजागर करता है मेरा प्यारा महबूब)





Sunday, October 20, 2013

Thursday, February 9, 2012

ना मैं पाकां विच पलीतां


पाकिस्तानी सूफ़ी गायक साईं ज़हूर अहमद सुना रहे हैं बाबा बुल्ले शाह की रचना-