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Monday, December 31, 2012

प्‍यारी लड़कियो, अगर तुम इस लड़ाई में इसलिए शामिल नहीं हो कि


कबाड़न मनीषा पांडे की फेसबुक वॉल से नवीनतम स्टेटस. इस शिद्दत से लगातार अपना प्रतिरोध दर्ज कराते रहने के लिए शाबास दोस्त मनीषा!  जज्बा कायम रहे! -


प्‍यारी लड़कियो,

अगर तुम इस लड़ाई में इसलिए शामिल नहीं हो क्‍योंकि तुम्‍हें लगता है कि 

- जिस लड़की के साथ गैंगरेप हुआ, वो तुम नहीं हो 

- कि जिस लड़की के मुंह पर तेजाब फेंका गया, वो तुम नहीं हो 

- कि जिस लड़की को दहेज के लिए जलाकर मार डाला गया, वो तुम नहीं हो 

- कि जिस औरत का पति उसे रोज या साल में कभी एक बार ही सही, पीटता है, वो तुम नहीं हो 

- कि जो लड़की महंगी पढ़ाई इसलिए नहीं कर पाई कि पापा सिर्फ भाई की फीस भर सकते थे, वो तुम नहीं हो 

- कि जो दिन रात घर-गृहस्‍थी के चूल्‍हे में फुंक रही है, वो तुम नहीं हो 

- कि घर में अच्‍छी सब्‍जी और मिठाई जिसकी थाली में सबसे कम आती है, वो तुम नहीं हो

- कि दो घंटे लोकल टेन में सफर करने के बाद घर पहुंचते ही जो और सबसे पहले रसोई में घुसती है, वो तुम नहीं हो

- कि जिसके पति ने कभी बिस्‍तर पर उसकी भावनाओं और जरूरतों का ख्‍याल नहीं रखा, वो तुम नहीं हो

- कि पीरियड्स के समय भी जो रोज की तरह घर और ऑफिस में खटती है, वो तुम नहीं हो

- कि जिसके पेट का बच्‍चा गिराया गया क्‍योंकि वो लड़की थी, वो तुम नहीं हो

- कि सफदरजंग अस्‍पताल के वुमन वॉर्ड से जो अभी-अभी अबॉर्शन करवाकर बाहर निकली थी और उसका पति उसे कह रहा था, "तेज-तेज चलो," वो तुम नहीं हो

तो तुमसे बड़ी अभागी कोई नहीं है।