Thursday, March 4, 2010

फिर दिल दो पैसे को वीरू

कोई एक महीने से वीरू सहवाग टीवी पर बता रहे थे कि वे वर्ल्ड कप हॉकी के हर मैच में भारत की टीम की हौसला अफ़ज़ाई के लिए चेहरे पर बाक़ायदा तिरंगा पोत कर मौजूद रहेंगे. तक़रीबन ऐसा ही फ़िल्मांगना प्रियंका चोपड़ा और राज्यवर्धन राठौर भी कह रहे थे.

या तो हमारे मीडिया के पास इतनी कूव्वत नहीं कि इन तिरंगे पुते सुपर स्टारों को स्टेडियम में देख नहीं पा रहा या ये सारे सितारे हॉकी को दिल देने के अपने फ़ैसले से मुकर चुके हैं.

फिर दिल दो हॉकी को कहने भर से काम चल जाता होता तो महीना भर पहले हमारे ये जांबाज़ खिलाड़ी यूं अपनी जायज़ कमाई के चन्द लाख रुपये मांगने को भूख हड़ताल न कर रहे होते. जिस किसी को उन दिनों टीवी पर दिखाई जा रही वीडियो फ़ुटेज की याद होगी उसे इन पिटे चेहरे वाले खिलाड़ियों को एक के बाद एक मैच खेलते देख कर हैरत करनी चाहिए.

शायद जितना पैसा इनकॊ देश की तथाकथित लाज बचाने की कोशिश करने के ऐवज़ में मिलेगा, उस से कई गुना अपने वीरू भाई को बिना दौड़े-भागे एक पूरे मुल्क को बेवकूफ़ बनाने वाले बयान जारी करने पर मिला होगा. मुझे वीरेन्द्र सहवाग अच्छे लगते हैं - उनकी क्रिकेट और उनकी पर्सनैल्टी पर ईमानदारी की छाप है.

पर इस विज्ञापन को देखने के बाद मैं निराश हूं. प्रियंका चोपड़ा की तो नहीं कहता पर मुझे वाक़ई उम्मीद थी कि दिल्ली में रहने वाले वीरू दिल्ली में हो रही इस प्रतियोगिता में अपने प्रभजोतों, बलालों और अर्जुनों का हौसला बढ़ाने ज़रूर आएंगे.

पैसे लो ... और धक धक गो!

6 comments:

मुनीश ( munish ) said...

absolutely Ashok da ! I agree !

@"प्रियंका चोपड़ा की तो नहीं कहता" , she is not worth a mention Ashok bhai. All these Deepikas and Priyankas are hopeless stuff . They can never match Zeenat ji and late Parveen ji, neither in beauty nor in intelligence .

मुनीश ( munish ) said...
This comment has been removed by the author.
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

टी.वी. के पर्दे पर विज्ञापन में एक्टिंग करने वाले सितारों से अगर आप यह उम्मीद कर रहे हैं कि वे विज्ञापन में प्रदर्शित उत्पाद का स्वयं प्रयोग भी करे तो इसे उनके साथ नाइन्साफी कहना चाहिए।

पीयूष पाण्डे said...

अशोक जी,
मार्के की बात कही है आपने। लेकिन, राज्यवर्धन राठौर ने पिछले दो मैच देखे थे। हां, प्रियंका चोपड़ा और वीरेन्द्र सहवाग के पास हॉकी के लिए फुर्सत नहीं है। सहवाग दिल्ली के हैं, और दिल्ली में ही उन्हें हेयर ट्रांसप्लांट करने वाली कंपनी के प्रचार में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए फुर्सत है। दरअसल, सितारे अपने ब्रांड के प्रचार के लिए कुछ भी कहने को तैयार हैं, या कहें मजबूरी है लेकिन अपनी बात पर टिका रहने के लिए उनके पास समय नहीं है।

वीनस केसरी said...

मगर यहाँ बात हॉकी की हो रही थी जिसे कोई उत्पाद समझने की गलती वीरू को नहेई करनी चाहिए थी मगर वीरू ने ऐसा ही किया

दुखद है

आज खुद इस पर एक पोस्ट लिखने वाला था

Udan Tashtari said...

क्या कहें..मूक दर्शक हैं.