Tuesday, April 10, 2012

गार्सिया मारकेज़ की एक पंक्ति



गाबो का उपन्यास मेमोरीज़ ऑफ माई मैलेन्कली होर्स नब्बे साल के एक सनकी बूढ़े का आत्मवृत्त है. घनघोर एकान्तप्रेमी, गैरसामाजिक और वेश्यागामी यह बूढ़ा एक स्थानीय अखबार के लिए साप्ताहिक कॉलम जैसा कुछ लिखता है. छोडिये! गाबो की कोई भी कहानी हम जैसे मनुष्यों द्वारा बताई कैसे जा सकती है, उसके लिए तो आपको किताब पढनी ही होगी.

इधर कुछ दिन हुए इस किताब को शायद तीसरी दफा समाप्त करने के बाद भी एक पंक्ति पीछा नहीं छोड़ रही –

“ ... I never had intimate friends, and the few who came close are in New York; by which I mean they are dead, because that’s where I suppose condemned souls go in order not to endure the truth of their past lives. ...”

3 comments:

ANIL YADAV said...

भेज दो या मुझे भी न्यूयार्क भेज दो

Ek ziddi dhun said...

न्यूयार्क। कुछ टुकड़ों का हिन्दी अनुवाद चिपका दीजिए। और गाबो, वाह, वाकई।

Neeraj Basliyal said...

...गाबो जिंदाबाद