एक ज़माने तक बम्बई के फ़िल्म संसार का अपरिहार्य हिस्सा रहे कैरेक्टर आर्टिस्ट्स पर आज से कबाड़ख़ाना एक नई सीरीज़ शुरू कर रहा है.
हिन्दी फ़िल्मों में काम करने से पहले मुहम्मद उमर मुकरी बाक़ायदा एक क़ाज़ी हुआ करते थे. यूसुफ़ ख़ान यानी दिलीप कुमार उनके साथ ही स्कूल जाया करते थे और दोनों ने अपने फ़िल्म करियर का आग़ाज़ सन १९४५ में बॉम्बे टॉकीज़ की फ़िल्म प्रतिमा से किया था. छः सौ से ज़्यादा फ़िल्मों में काम करने वाले मुकरी ५ जनवरी १९२२ को जन्मे थे. ४ सितम्बर २००४ को दिल का दौरा पड़ने से उनका देहान्त हुआ.
उनकी सुपुत्री नसीम बॉलीवुड में डॉयलॉग और स्क्रीनप्ले राइटिंग के अलावा अभिनय भी करती हैं.
देखिये फ़िल्म बॉम्बे टू गोआ से एक दृश्य - मुकरी के साथ में बेजोड़ महमूद भी हैं
