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Monday, July 22, 2013

बिन सतगुरु नर रहत भुलाना, खोजत फिरत न मिलत ठिकाना



आज के सुअवसर पर फिर से पण्डित कुमार गन्धर्व जी के स्वर में कबीरदास जी:

सतगुरु जी ने खोल बताया जी



आज गुरुपूर्णिमा के अवसर पर पुनः लगा रहा हूँ कुमार गन्धर्व जी के स्वर में एक भजन: