Sunday, December 23, 2012

प्‍यारी लड़कियो!




लड़कियो!

1- अपने घरों से बाहर निकलो.

2- पब्लिक स्‍पेस पर कब्‍जा करो. यकीन करो, धरती की हर इंच जगह तुम्‍हारी है और तुम्‍हें कहीं भी जाने-होने-रहने-जीने से कोई रोक नहीं सकता.

3- जान लगाकर पढो, टॉप करो और अपना कॅरियर बनाओ. (करियर टॉप प्रायोरिटी पर रखो.)

4- अपने पैसे कमाओ, अपना घर बनाओ. अपना कमरा और अपना स्‍पेस.

5- एक गाडी खरीदो, दो पहिया या चार पहिया, कुछ भी चलेगा. और उस पर सवार होकर पूरे शहर ... में घूमो, दूर दराज के शहरों में भी. चाहो तो पूरे देश भर में.

6- अपनी जिंदगी की जिम्‍मेदारी अपने हाथों में लो. अपने फैसले खुद करो.

7- अमीर पति का ख्‍वाब छोड दो. अमीर पति से मिलने वाली सुविधाओं के साथ गुलामी भी आती है. ये पैकेज डील है. सिर्फ एक चीज नहीं मिलेगी.

8- प्रेम करो, अपना सेक्‍चुअल पार्टनर खुद अपनी मर्जी से चुनो.

9- सजो-संवरो और सुंदर दिखो.

9- किताबें पढो और अच्‍छा सिनेमा देखो. (प्‍लीज लड़कियों, सलमान खान को देखकर आहें भरना बंद करो.)

10- अपने कमाए पैसे जमा करो और उस पैसों से पूरी दुनिया घूमो. सुंदरवन के जंगलों और कन्‍याकुमारी के समुद्र तट पर अकेले जाओ. मेरी यकीन करो, अगर हम समझदार, बुद्धिमान और आत्‍मविश्‍वास से भरे हैं तो हमारे साथ कुछ नहीं होगा. और यदि कुछ बुरा हो भी गया तो इसका ये मतलब नहीं कि अगली बार हम सुंदरवन नहीं जाएंगे.

हम जो घरों से एक बार बाहर निकले हैं तो अब वहां लौटकर नहीं जाएंगे.

6 comments:

Hi !! I am Kaivi !!! said...

Superb.. bullet points main Jandagi samet di apne.. congrets fopr this post Manisha.

Jatdevta संदीप said...

यह तो करना ही पडेगा।

Pratibha Katiyar said...

sahi kaha Manisha.

राजेश उत्‍साही said...

काश...कि यह होने लगे...पर कहते हैं आशा पर आकाश टिका है....कभी तो होगा।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

और यदि कुछ बुरा हो भी गया तो इसका ये मतलब नहीं कि अगली बार हम सुंदरवन नहीं जाएंगे.

बस इस बुरा होने की भावना से ही बचना है .... जिस दिन शरीर को केवल शरीर मान लिया जाएगा ...इसे इज्ज़त का नाम देना बंद कर दिया जाएगा उस दिन असली बदलाव आएगा ।

Darshan said...

hmmmm totally agree ..