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Friday, September 21, 2012
Saturday, September 15, 2012
Wednesday, March 7, 2012
Friday, March 2, 2012
मीर बाक़र साहब
चौधरी मोहम्मद अली रुदौलवी की एक और रचना “मीर बाक़र साहब” पेश है ज़िया मोहिउद्दीन की आवाज़ में.
शानदार चीज़ है. गारंटी.
डाऊनलोड यहाँ से कीजिये - http://www.divshare.com/download/16902162-508
शानदार चीज़ है. गारंटी.
डाऊनलोड यहाँ से कीजिये - http://www.divshare.com/download/16902162-508
Thursday, March 1, 2012
मयी दादा और उनकी भांग की घोड़ी
ज़िया मोहिउद्दीन की आवाज़ में आप कई सारे पीसेज सुन चुके हैं. आज आप सुनिए एक शानदार किस्सा. असद मोहम्मद खान का लिखा यह संस्मरण किस्सागोई की उस गंगा-जमनी परम्परा से निकला है जिस का मैं तो मुरीद हूँ. और ऊपर से ज़िया साब की आवाज़. एक और कबाडखाना एक्सक्लूसिव -
डाउनलोड लिंक- http://www.divshare.com/download/16902134-087
Wednesday, February 29, 2012
पड़िए गर बीमार
मुश्ताक़ अहमद यूसुफी की एक और रचना ज़िया मोहिउद्दीन साहब की शानदार आवाज़ में –
डाउनलोड लिंक ये रहा – http://www.divshare.com/download/16858048-4ac
Tuesday, February 28, 2012
आना घर मुर्गियों का
मुश्ताक़ अहमद यूसुफी साहेब की विख्यात रचना का पाठ कर रहे हैं जनाब ज़िया मोहिउद्दीन-
डाऊनलोड यहाँ से करें – http://www.divshare.com/download/16857923-40c
Monday, February 27, 2012
अकबर इलाहाबादी साहब का एक खत
डाउनलोड लिंक – http://www.divshare.com/download/16857840-d98
Sunday, February 26, 2012
मरहूम की याद में उर्फ साइकिल की सवारी - ज़िया मोहिउद्दीन
पतरस बुखारी की रचना को स्वर दे रहे हैं जनाब ज़िया मोहिउद्दीन. रचना लंबी है. कोई आधे घंटे की. लेकिन एक भी सेकेण्ड कोई बोर नहीं हो सकता. गारंटी. अभी समय न हो तो डाउनलोड कर लीजिए और फुर्सत में सुनिएगा ज़रूर.
डाउनलोड यहाँ से कीजिये- http://www.divshare.com/download/16857807-959
Saturday, February 25, 2012
हुमा खातून के नाम खत – जिया मोहिउद्दीन
जनाब ज़िया मोहिउद्दीन से पहलेपहल मेरा परिचय प्रिय मित्र इरफ़ान के माध्यम से हुआ था. फैसलाबाद में जन्मे हरफनमौला ज़िया साहब की ट्रेनिंग १९५० के दशक के शुरुआती सालों में लंदन के रॉयल अकेडमी ऑफ ड्रैमेटिक आर्ट्स में हुई थी. उस दौर में बतौर अभिनेता उनके नाम अंतर्राष्ट्रीय ख्याति की फ़िल्में और नाटक हैं. अलबत्ता १९६० में वे वापस पकिस्तान आ गए और वक्त के साथ साथ उन्हें सबसे ज़्यादा ख्याति उनके रचना पाठों ने दिलवाई. आज से उनके कुछेक पाठ आप को यहाँ सुन ने को मिलेंगे. आज सुनिए उनकी आवाज़ में चौधरी मोहम्मद अली रदौलवी का एक खत -
इरफ़ान के ब्लॉग पर यहाँ भी सुनिए ज़िया साब को - आइये जिया साहब से एक बार फिर पढ़ना सीखें
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