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Friday, March 11, 2011

कैसे बेशर्म आशिक हैं ये आज के

बहुत बचपन में सुनी गई इस क़व्वाली की बस यही पंक्तियाँ अब तक याद थीं - तेरी हिम्मत पे पुतली हमें नाज़ है. कल रात पता नहीं किस जूनून में मैंने यूट्यूब पर इसे खोज कर बारम्बार देखा.यकीन मानिए इस पर दस मिनट खर्च करने के बाद आपको तह कतई नहीं लगेगा कि आपका समय बर्बाद हुआ.

सिवाय लफ़्ज़ों और अदाओं के कुछ ख़ास नहीं है इस में पर तब भी बहुत कुछ है जो बहुत ख़ास है. यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो को एम्बैड करने की सुविधा नहीं है. उसका लिंक यह रहा - http://www.youtube.com/watch?v=94Byv2phyU4

पेश है फिल्म पुतलीबाई कि यह क़व्वाली यूसुफ़ आज़ाद और रशीदा खातून की आवाज़ों में बी बी सी के एक कार्यक्रम से