Thursday, September 1, 2011

आई लव रम


"भौजैया बनावें हलवा" और "सोनार तेरी सोना पे मेरी बिस्वास है" जैसा शानदार चटनी संगीत कबाड़ख़ाने में पहले भी लगाया जा चुका है. इसके लिए हमें अपने कबाड़ी भाई विमल वर्मा का कृतज्ञ होना चाहिए कि उन्होंने इस संगीत से हमारा पहला परिचय कराया था. कैरिबियाई द्वीपों में रहने वाले भारतीयों की हालिया दो पीढ़ियों ने इसी तरह के संगीत से अपनी भारतीयता को बचाया हुआ है. हेमन्त कुमार के गाए एक अत्यन्त लोकप्रिय फ़िल्मी गीत के बैकग्राउन्ड में रचा गया यह गीत ख़ास आप के लिए खोज कर लाया हूं. गायक हैं निषाद सुल्तान -



(यह पोस्ट रम प्रेमी मित्रों दीपराज मेहरा, अक्षय शाह और लखनऊ में रहने वाले बड़े भाई अशोक शाह जी के साथ साथ रम के सभी चाहने वालों के वास्ते)

1 comment:

आपका अख्तर खान अकेला said...

naa baaba naa iska vigyapn krna to apradh hai .akhtar khan akela kota rajsthan