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Saturday, March 1, 2008

ब्लॉग के झगड़े से क्या कुछ लोग कमा रहे हैं?

गलत। अगर आप कमाई का मतलब रुपया पैसा समझ रहे हैं तो ऐसा कुछ नहीं है। हिंदी में ब्लॉगिंग करके इस समय कोई कमा नहीं रहा है। झगड़ा करके दुश्मनी कमाई जाती है और वही हो रहा है। किस बात पर हो रहा है झगड़ा? अलग अलग पक्षों को कहा जाए कि अपना पक्ष बताओ तो क्या सचमुच अलग अलग बातें निकल कर आएगी।

इस झगड़े ने मन खट्टा कर दिया है। इसलिए कुछ लिख दिया। अब हम तो यहां से आगे बढ़ चले। आप अपनी सोचो। इस विषय पर मेरी ये आखिरी बात है। कबाड़खाने पर इसलिए क्योंकि कबाड़खाने पर कभी कभी तो सचमुच की रद्दी मिलनी चाहिए। वरना अशोक भाई तो इस दुकान को हीरे-माणिक से सजा कर रखते हैं।