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Thursday, November 29, 2012

आज दिन भर कबीर – १ – विद्या राव - ये तन थाट तम्बूरे का


आज पूरे दिन भर सुनिए कबीरदास जी को. शुरुआत कीजिये विद्या राव के गायन से -


Tuesday, November 20, 2012

कोई प्रेम के पेंगे झुला दे


शास्त्रीय गायिका और लेखिका विद्या राव ठुमरी और दादरा के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने स्वर्वीय नैना देवी पर एक पुस्तक भी लिखी है.

उनका पालन पोषण हैदराबाद में हुआ. स्नातक की डिग्री मद्रास से लेने के बाद उन्होंने दिल्ली के देहली स्कूल ऑफ़ इक्नोमिक्स में दाखिला लिया और समाजशास्त्र में परास्नातक की डिग्री हासिल की. १९८६ से १९९३ तक उन्होंने नैना देवी से प्रशिक्षण लिया. १९९३ में नैना जी की मृत्यु के बाद उन्होंने सेंटर फॉर वीमेंस डेवलपमेंट स्टडीज़ में शोधकार्य किया और उसके बाद संगीत पर ध्यान लगाने का फैसला किया. कबीरदास जी के अलावा उन्होंने अमीर खुसरो को भी गाया है.

आज पेश है कबीरदास जी का भजन विद्या राव की आवाज़ में –