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Sunday, January 6, 2013
Saturday, May 3, 2008
फिर से परवीन सुल्ताना

दो-तीन दिन पहले आपने सुना था बेग़म परवीन सुल्ताना का गाया रागेश्री। अब सुनिये उन्हीं की आवाज़ में राग नन्दकौंस
और राग भैरव
परवीन सुल्ताना की आवाज़ में रागेश्री सुनने के लिए यहां जाएं:
http://kabaadkhaana.blogspot.com/2008/04/blog-post_29.html
Tuesday, April 29, 2008
परवीन सुल्ताना की आवाज़ में अब सुनिये रागेश्री

असमिया पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली परवीन सुल्ताना ने पटियाला घराने की गायकी में अपना अलग मुकाम बनाया है. उनके परिवार में कई पीढ़ियों से शास्त्रीय संगीत की परम्परा रही है. परवीन सुल्ताना के गुरुओं में आचार्य चिन्मय लाहिरी और उस्ताद दिलशाद ख़ान प्रमुख रहे हैं. पिछले दिनों मैंने कबाड़ख़ाने पर उन की आवाज़ में रागेश्री सुनवाने की कोशिश की थी पर कुछ तकनीकी कारणों से ऐसा संभव न हो सका. आज सुनिये वह रचना.
boomp3.com
Friday, April 25, 2008
परवीन सुल्ताना: रागेश्री
गरमियां चढ़ना शुरू होती हैं और मुझे परवीन सुल्ताना की आवाज़ याद आने लगती है. पता नहीं ऐसा क्यों होता है पर बाहर जितनी ज़्यादा गरमी पड़ने लगती है मैं इसी अद्वितीय आवाज़ की शरण में पहुंच जाता हूं. कल इस कदर गर्मी थी. उफ़!दूसरा माफ़ीनामा:
पहले सिद्धेश्वर को तकलीफ़ हुई गाना अपलोड करने में अब आज जब मैंने एक नया प्रयोग करना चाहा तो वह भी फ़ेल हो गया। इस पोस्ट में संगीत चढ़ा चुकने के बाद मैं देख रहा हूं कि मेरे कम्प्यूटर पर तमाम फ़ॉन्ट्स अजीब से हो गए हैं। लगातार दूसरी बार, सिर्फ़ तकनीकी कारणों से आप लोगों को परेशानी उठानी पड़ी - क्षमाप्रार्थी हूं। लाइफ़लॉगर के ठीक होते ही या हुछ और समाधान मिलते ही आपको इस पोस्ट पर परवीन सुल्ताना का गायन सुनने को मिलेगा।
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