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Sunday, January 29, 2012

कुंवारों के कमरे - मारियो मिरान्डा की निगाह से

पहला कमरा महिला का है दूसरा पुरुष का. ज़रा डीटेल्स पकड़ने की कोशिश कीजिये -





Saturday, January 28, 2012

मारियो मिरान्डा की यादें - २

(ऊपर से नीचे - बाज़ार, क्योटो में मंदिर, शीर्षकहीन, बम्बई में ज़िन्दगी, कोने पर खड़ा शख्स)





Friday, January 27, 2012

मारियो मिरान्डा की यादें


गोवा की शिथिल, समुद्री छवियों को संसार के सामने पेश करने वाले मारियो मिरान्डा पहले कलाकार थे - गोवा के लोग, उनके विचित्र बाज़ार, ढलवां छतों वाले मकान और भीड़ भरे शराबखाने-कहवाघर.

उनकी रेखाएं अद्वितीय होती थीं. मारियो मिरान्डा को बतौर कार्टूनिस्ट सबसे ज़्यादा प्रसिद्धि उनके बनाए टिपिकल चरित्रों जैसे बण्डलदास और मिस नीम्बूपानी से मिली लेकिन वे एक साधारण कार्टूनिस्ट से कहीं बड़े जीनियस थे. अपनी दुनिया भर की यात्राओं को कार्टूनों और स्केचेज़ के जरिए उकेर कर उन्होंने यात्रावृत्तों के लिए एक नई फॉर्म ईजाद की थी.

पिछले महीने मारियो मिरान्डा ८५ वर्ष की आयु में दिवंगत हुए. उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके कुछ स्केचेज़ पेश हैं -






(ऊपर से नीचे - चोर बाज़ार, पुराना पेरिस, रेस्तरां क्रोकोडाइल, सेंट फ्रांसिस जेवियर, शिवाजी. कुछ स्केच कल भी देखें)