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Thursday, September 13, 2012

सैम बुधराम का चटनी संगीत - ५ - कहवा काली मैय्या


सैम बुधराम के चटनी संगीत की अगली कड़ी के रूप में पेश है काली माता को समर्पित एक भजन -



(चित्र- प्रियंका गुप्ता की पेंटिंग 'काली')

सैम बुधराम का चटनी संगीत - ५ - स्याम छबी देखन आज चलो री –


सैम बुधराम के चटनी संगीत की अगली प्रस्तुति –




Wednesday, September 12, 2012

सैम बुधराम का चटनी संगीत - ४ - ललना खूसी भये नर नारी जसोमति देखत हो

सैम बुधराम की चटनी संगीत की अगली प्रस्तुति है एक शानदार मंगलगीत – घर घर बाजते बधैया कन्हैया जन्मे हो –




(चित्र – राजा रविवर्मा की पेंटिंग – ‘बर्थ ऑफ़ कृष्णा’)

Monday, September 10, 2012

Sunday, September 9, 2012

सैम बुधराम का चटनी संगीत – १ – भौजईया बनावें हलवा छट्ठी के दिन


कैरिबियाई द्वीपों ख़ास तौर पार त्रिनिदाद और टोबैगो में उन्नीसवीं शताब्दी में भारत से गए श्रमिकों की वर्तमान पीढ़ियों में संगीत के आइकन हैं सैम बुधराम. कैरिबियन्स की जीवंत तालों और ठेठ पूर्वी भारतीय संगीत का अद्भुत समागम पाया जाता है उनके संगीत में. वे जिस संगीत को गाते हैं उसे चटनी संगीत कहा जाता है. सैम के लावा कई और सुन्दर पोपो, द्रौपदी रामगुनाई, आदेश समरू वगैरह कई नाम हैं जो इस संगीत के वहां बचाए हुए हैं.

आज से कबाड़खाने पर सैम के कुछ शानदार गीतों की सीरीज शुरू कर रहा हूँ. चटनी संगीत से मेरा पहला परिचय कबाड़ी भाई विमल वर्मा ने करवाया था. इस के लिए उनका हमेशा आभारी रहूँगा.

पेश है पहली कड़ी -